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Jharkhand (3227)

पुलिस कार्यालय जमशेदपुर के सभागार में बुधवार सुबह 11 बजे झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडीसा के सीमावर्ती थानो ज़िलों के पुलिस पदाधिकारियों , सी आर पी एफ व कोबरा के पदाधिकारीयों की बैठक आयोजित की गई है।

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रांची : झारखंड कांग्रेस प्रभारी सह पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि झारखंड में महागठबंधन का स्वरूप तय हो चुका है. सीटें भी जल्द ही तय कर ली जायेंगी. श्री सिंह मंगलवार को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. आरपीएन सिंह चार दिवसीय झारखंड दौरे पर रांची पहुंचे हैं. प्रवक्ता आलोक कुमार दुबे ने बताया कि तीन घंटे प्रवास के बाद सड़क मार्ग से श्री सिंह देवघर के लिए प्रस्थान कर गये. वे संंताल परगना प्रमंडल के देवघर में 13 फरवरी को भाजपा हटाओ, देश बचाओ रैली में शिरकत करेंगे.14 फरवरी को लोहरदगा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे. 15 फरवरी को पलामू प्रमंडल में भाजपा हटाओ देश बचाओ रैली में शामिल होंगे.इससे पहले बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डाॅ अजय कुमार के नेतृत्व में विधायक सुखदेव भगत, कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर, आलोक कुमार दुबे, राजीव रंजन प्रसाद, लाल किशोर नाथ शाहदेव, अभिलाष साहू, ज्योति सिंह मारू, फिरोज रिजवी मुन्ना, परवेज आलम, सुनील सिंह, केदार पासवान, घनश्याम दास, अनूप सिंह समेत कई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी का स्वागत किया. आरपीएन सिंह के साथ डाॅ अजय कुमार, राजेश ठाकुर, रवींद्र सिंह, ज्योति सिंह मथारू भी देवघर गये हैं.

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रांची : सरकार के पास लंबित मांगें पूरे नहीं होने से नाराज इंस्पेक्टर से लेकर चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ से जुड़े राज्य के 70 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों ने आंदोलन के पहले चरण में मंगलवार को काला बिल्ला लगाकर काम किया. झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने बताया कि 14 फरवरी तक पुलिसकर्मी वर्दी पर काला बिल्ला लगा कर काम करेंगे. 20 फरवरी को सामूहिक उपवास का कार्यक्रम होगा. आंदोलन के दोनों चरण के दौरान अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई, तो 28 फरवरी से चार मार्च तक सभी पुलिसकर्मी पांच दिनों के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे. योगेंद्र सिंह ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण के पहले दिन पूरे राज्य में सभी विभाग में पदस्थापित पुलिसकर्मियों ने काला बिल्ला लगा कर काम किया. वीवीआइपी और पुलिस मुख्यालय में पदस्थापित कर्मियों ने भी आंदोलन को सफल बनाने के काला बिल्ला लगाया. उल्लेखनीय है कि सोमवार को पुलिस एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ पुलिस मुख्यालय में डीजीपी ने मांगों के संबंध में बैठक की थी. लेकिन मांगों के संबंध में सिर्फ आश्वासन ही मिला था. 
इसलिए पुलिस एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने यह निर्णय लिया कि जब तक उपरोक्त सातों मांगों के संबंध में आदेश जारी नहीं हो जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इसके बाद मंगलवार से आंदोलन की शुरुआत की गयी.

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जमशेदपुर : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के शहर और गांवाें में एक जैसी व्यवस्था हाेगी. मार्च तक राज्य के सभी गांवाें में बिजली पहुंच जायेगी. दिसंबर तक जीराे कट बिजली मिलेगी. बिजली और पानी की आपूर्ति जुस्काे करेगी. गांव में भी शहर की तरह स्ट्रीट लाइटें लगेंगी.
आधी से अधिक आबादी गांव में रहती है, इसलिए उनके जीवन स्तर काे और बेहतर बनाने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि अभी राज्य में बिजली की निर्बाध आपूर्ति नहीं हो पा रही है. सीएम मंगलवार को जमशेदपुर स्थित सिदगाेड़ा में विकास पर्व काे संबाेधित कर रहे थे. सरकार 60 ग्रिड व 217 सब स्टेशनों का करा रही है निर्माण : मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत वितरण की स्थिति में आधारभूत संरचना कमजोर होने के कारण यह स्थिति है. उन्होंने दावा किया कि दिसंबर तक जीरो पावर कट का लक्ष्य हासिल कर लिया जायेगा. शहर ही नहीं गांवों में भी सातों दिन 24 घंटे निर्बाध बिजली मिलेगी. ऐसा इसलिए संभव हो पा रहा है कि उनकी सरकार 60 ग्रिड और 217 सब स्टेशनों का निर्माण करवा रही है. इनके पूरा होते ही बिजली कटौती की समस्या दूर हो जायेगी. उन्होंने बताया कि जरूरत 134 ग्रिड की है, मगर 67 वर्षों में मात्र 38 ग्रिड का ही निर्माण हो सका था. उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में 29 लाख घरों तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है. सिर्फ सिंहभूम, साहेबगंज और पाकुड़ में एक लाख घरों में कनेक्शन दिया जाना बाकी है, जिसे हर हाल में मार्च तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि अगले तीन माह में राज्य के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बिजली कनेक्शन दे दिया जायेगा.तीन माह में देंगे राज्य के सभी स्कूलों में बिजली कनेक्शन, दिसंबर तक प्रदेश में जीराे पावर कट

गांव में भी शहर की तरह लगेगी स्ट्रीट लाइट
बीते चार वर्षों में 29 लाख घरों तक पहुंची है बिजली
67 वर्षों में मात्र 38 ग्रिड का ही हो सका था निर्माण
हमने एक व्यवस्था खड़ी करने का संकल्प लिया था

सीएम रघुवर दास ने कहा कि 1995 में जब पहली बार चुनाव लड़े, तो पूर्वी जमशेदपुर विधान सभा की गली-गली, घर-घर घूमे. लाेगाें ने उन्हें बताया और उन्होंने खुद भी देखा कि एक ही शहर में दाे तरह की व्यवस्थाएं चल रही हैं.

उन्हाेंने तय किया था कि एक व्यवस्था खड़ी करेंगे, जिसमें शहर और गांव में कोई किसी तरह का फर्क नहीं हाेने देंगे. उन्होंने जनता की छाेटी-छाेटी समस्याओं काे दूर करने के लिए समर्थन मांगा था, आज स्थिति काफी हद तक सबके सामने है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में मैंने कभी गलत वायदे नहीं किये. सिदगोड़ा में पावर सब स्टेशन के उद्घाटन के अलावा मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय 126 कराेड़ की 240 याेजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन किया. इस अवसर पर विधायक लक्ष्मण टुडू, मेनका सरदार, उपायुक्त अमित कुमार, एसएसपी अनूप बिरथरे, जुस्काे के एमडी तरुण डागा, जुस्काे के चीफ कॉरपाेरेट सर्विसेज ऋतुराज समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी माैजूद थे. समाराेह का संचालन नेहा तिवारी ने किया.

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जमशेदपुर : कदमा थाना क्षेत्र में गुंडागर्दी अौर महिला के साथ मारपीट व छेड़खानी के आरोपी को छोड़ने की घटना से मंत्री सह क्षेत्र के विधायक सरयू राय नाराज हैं. रविवार को उन्होंने कदमा थाना प्रभारी जीतेंद्र ठाकुर को काफी फटकार लगायी अौर चेतावनी दी. वहीं, छेड़खानी की पीड़ित छात्रा और एक अन्य महिला के साथ मारपीट के मामले में दोनों के परिजन मंत्री से मिलने पहुंचे . दोनों के परिजनों ने मंत्री सरयू राय को पूरे मामले से अवगत कराया. मामले की जानकारी मिलने पर सरयू राय थाना प्रभारी पर आक्रोशित हो गये. उन्होंने थाना प्रभारी को तत्काल फोन लगाया. फटकारते हुए कहा कि जरूरत होगी, तो एसएसपी से कहेंगे कि कदमा थाने में ताला लगा दीजिए और थानेदार को चूड़ी पहना कर भेज दें.कदमा क्षेत्र में बढ़ती गुंडागर्दी व छेड़खानी की घटना के आरोपी को छोड़ने तथा महिला की पिटाई से नाराज हुए मंत्री सरयू राय ने थानेदार को फटकारा, एसपी सिटी ने कदमा थाने पहुंच कर जांच की मारपीट और छेड़खानी के आरोपी को छोड़ने से नाराज थे मंत्री सरयू राय ने पीड़िता के परिजन के शिकायत पर थानेदार को किया फोन मंत्री ने थानेदार पर गुंडों के पक्ष में खड़े होने का लगाया आरोप, कहा- निर्देश नहीं मानते हैं

मंत्री ने थाना प्रभारी को फोन कर कहा : गुंडे, बदमाश, पारंपरिक रूप से बदमाश हैं. वह लिखा हुआ दिखा रहे हैं, कि देखो हमको थाने ने लिखित दिया है. सभी लोग कोर्ट में केस करेंगे. मजाक बनाये हुए हैं. एसएसपी से बात करेंगे. लोगों को कहूंगा कि कोर्ट में जाकर केस करेें. आपके खिलाफ रोज-रोज शिकायत आती है.
प्रजापति की पत्नी को लोगों ने पीटा है. जिसने पीटा है, उसे थाने में बैठा कर रखते हैं. चुल्लू भर पानी में मरने का फुर्सत नहीं है आपको. इंस्पेक्टर थानेदार बने हैं आप. गुंडागर्दी रोकने के लिए कितनी बार फोन किया. आप गुंडों के फेवर में रहेंगे. हम जो कहेंगे, वह नहीं सुनियेगा. आपका सम्राज्य है, आपकी जमींदारी है.गुंडों ने महिला को पीटा, उसके कपड़े फाड़ दिये, आप उन्हीं के पक्ष में रहते हैं. यह जमशेदपुर में नहीं होगा. आपको जेल भेजवाऊंगा. आप वर्दी पहन कर घूमते हैं, गुंडागर्दी करते हैं, गुंडों को प्रोत्साहन देते हैं. आपने मजाक बना लिया है. एसएसपी को फोन कर कहूंगा कि आप रहियेगा या मैं क्षेत्र में रहूंगा विधायक. शर्म नहीं आती आपको. थाना प्रभारी ने उधर से कहा कि उन्होंने केस किया है. इस पर मंत्री ने कहा कि केस क्या करियेगा, आप पर केस होगा.आप बुला कर थाने में पीटते हैं. गुंडे महिलाअों को मारते हैं, साड़ी फाड़ देते हैं अौर आप उनके घर के लोगों को थाना में बुला कर बैठाते हैं. यही थानेदारी है आपकी अौर अखबारों में लिखवाते हैं कि नेता ने फोन किया, तो छोड़ दिये.

उधर से थाना प्रभारी ने कहा : अखबार वालों ने स्वयं छाप दिया है, जिस पर मंत्री ने कहा
अखबार वाले आपके नौकर नहीं हैं ना, अपना काम सही से नहीं करियेगा, तो अखबार वाला नहीं छापेगा. आप लोगों के खिलाफ, तो अखबार कम छापता है, उसको तो नंगा कर देना चाहिये.आप आकर हमसे मीठी-मीठी बातें करते हैं, हम गुंडागर्दी रोकने का निर्देश देते हैं अौर आप गुंडों के पक्ष में खड़े हो जाते हैं. सभी से लिखवा कर दे रहे हैं, मैं देखता हूं कि पुलिस प्रशासन कैसे चलता है. यह लास्ट वार्निंग है, इसके बाद आपको फोन नहीं करेंगे. जरूरत होगी, तो एसएसपी से कहेंगे कि कदमा थाने में ताला लगा दीजिये अौर वहां के थानेदार को चूड़ी पहना कर भेज दें.

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जमशेदपुर : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा  : आजादी के 70 वर्ष के बाद झारखंड में पहली बार महिला विश्वविद्यालय का शिलान्यास हो रहा है. राज्य की आधी आबादी लिए यह ऐतिहासिक दिन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत अपने हाथ से कर रहे हैं. उच्च शिक्षा के बिना भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता. जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 56 करोड़ राज्य सरकार और 33 करोड़ केंद्र सरकार दे रही है.  महिला शिक्षा के लिए राज्य के जिलों में 11 महिला कॉलेज स्थापित किये गये हैं. सरकार का पूरा फोकस उच्च शिक्षा पर है. इसके लिए राज्य में पहली बार उच्च शिक्षा का अलग विभाग बनाकर सचिव की नियुक्ति की गयी. राज्य सरकार ने साढ़े चार साल में झारखंड में पांच नये विवि दिये.
89.26 करोड़ से बनेगी पहली वीमेंस यूनिवर्सिटी
बेटियां, बेटों से बेहतर प्रदर्शन कर रही
ज्ञान और बुद्धि के भंडार वाला देश व राज्य ही आगे बढ़ सकता है. महिला शिक्षा पर वर्तमान सरकार ने सबसे ज्यादा ध्यान दिया है. सुकन्या योजना के तहत सरकार गरीब मां के पेट से पैदा होने वाली बेटी के लिए जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक की व्यवस्था कर रही है. मुख्यमंत्री ने छात्राओं से आह्वान किया कि जो जिस क्षेत्र में हैं, अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करें. शिक्षा व खेल के क्षेत्र में हमारी बेटियां, बेटों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. देश की बेटियां ओलिंपिक में पदक लेकर आ रही हैं.

दो वर्ष में बनकर तैयार हो जायेगा वीमेंस विवि का भवन
राज्य के 12 जिलों में मॉडल डिग्री कॉलेज, 31 डिग्री कॉलेज स्वीकृत
30 नए कॉलेजों में 871 पद स्वीकृत. 108 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रियाधीन
चार नये पॉलिटेक्निक में पठन-पाठन प्रारंभ किया गया
जमशेदपुर में प्रोफेशनल कॉलेज का कार्य लगभग पूर्ण है
रामगढ़, कोडरमा एवं पलामू में इंजीनियरिंग कॉलेज का कार्य प्रगति पर है
उच्च शिक्षण संस्थानों में सरकार प्लेसमेंट सेल, एंटरप्रेन्योर एवं इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना होगी
सकल नामांकन अनुपात 18%
राज्य में सरकारी विवि की संख्या 10 हो जाएगी

26 एकड़ जमीन पर बनेगा विवि
महिला विश्वविद्यालय के दाे अलग-अलग कैंपस होंगे. पहला कैंपस जमशेदपुर वीमेंस काॅलेज के वर्तमान भवन में करीब आठ एकड़ में रहेगा. दूसरा कैंपस सिदगोड़ा में सूर्य मंदिर के पास स्थित 18 एकड़ भूमि पर बनेगा. इसी माह से नये भवन का निर्माण का कार्य शुरू हो जायेगा.

विवि प्रारंभ होने में लगेगा समय
सरकार के उच्च, तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास विभाग के सचिव राजेश शर्मा ने कहा कि महिला विवि में नामांकन प्रारंभ हाेने में समय लगेगा. विभाग भवन निर्माण का कार्य पूरा कराने पर जोर देगी.

कार्यक्रम में सांसद विद्युत वरण महतो भी मौजूद थे. कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ शुक्ला माहांती ने अतिथियों का स्वागत किया. शिलापट्ट पर मंत्री सरयू राय और मंत्री डॉ नीरा यादव के नाम भी लिखे थे. पर ये दोनों मौजूद नहीं थे. इसके अलावा उच्च शिक्षा सचिव राजेश कुमार शर्मा, उपायुक्त अमित कुमार, एसएसपी अनूप बिरथरे, उच्च शिक्षा निदेशक दिनेश प्रसाद, समेत कई पदाधिकारी व गणमान्य

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जमशेदपुर : घालभूमगढ़ में गुरुवार को हवाई अड्डे के भूमि पूजन के मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई सफर करेगा़ इसी सोच के तहत हमारी सरकार काम कर रही है़ धालभूमगढ़ हवाई अड्डे के निर्माण को लेकर भूमि-पूजन व एमओयू हुआ. मौके पर केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा व राज्य के नगर विकास, आवास व परिवहन मंत्री सीपी सिंह मौजूद थे़ मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार गरीबाें के प्रति समर्पित हाेकर याेजनाओं काे धरातल पर उतार रही है. इसी कड़ी में ऐतिहासिक धालभूमगढ़ हवाई अड्डा का निर्माण किया जा रहा है.

झारखंड अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल : जयंत
केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि हवाई अड्डे का शिलान्यास पूर्वी सिंहभूम एवं धालभूमगढ़ क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है. मुख्यमंत्री रघुवर दास और सांसद विद्युत वरण महताे इसके लिए बधाई के पात्र हैं. उन्हाेंने कहा कि एयरपोर्ट के मुद्दे पर सांसद उनके पीछे पड़ गये थे और अपने क्षेत्र के लोगों से किया गया वादा उन्होंने निभाया है.

मंजिल उन्हीं को मिलती है... : सीपी सिंह
धालभूमगढ़ हवाई अड्डे के भूमि-पूजन के मौके पर नगर विकास, आवास तथा परिवहन मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि एमओयू के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा. देवघर, दुमका, डाल्टेनगंज, बोकारो में भी काम आरंभ हाे गया है. उन्होंने कहा कि पीएम माेदी और सीएम रघुवर दास ने केवल सपने दिखाने का नहीं, बल्कि सपनों को पूरा करने का भी कार्य किया है़

हवाई अड्डे से तीन राज्याें काे होगा फायदा : विद्युत
जमशेदपुर. सांसद विद्युत वरण महताे ने कहा कि धालभूमगढ़ हवाई अड्डे से तीन राज्याें (झारखंड, पश्चिम बंगाल आैर आेड़िशा) के लोगों काे फायदा हाेगा. साथ ही इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा. उन्होंने कहा कि भविष्य में यात्री विमान के साथ-साथ कार्गाें टर्मिनल भी यहां बनेगा, आगे कहा कि सीएम ने हवाई अड्डे की स्वीकृति दिलाने में अहम भूमिका निभायी है.

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चाईबासा : उज्ज्वल कल के लिए बालिकाओं का सशक्तिकरण. यही है मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का मूल उद्देश्य. राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं. आज के दिन मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत कर खुशी हुई. झारखंड के 27 लाख परिवार इस योजना से आच्छादित होंगे. उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को चाईबासा के टाटा कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में कहीं. सीएम ने कहा कि राज्य की बच्चियां शिक्षित होंगी, तो परिवार में संस्कार का संचार होगा. आज लड़कियां किसी से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं. हर जगह उनकी बराबर की भूमिका दिख रही है. खेल के क्षेत्र में सबसे ज्यादा मेडल लाने काकार्य लड़कियों ने किया है. बेटी हमारा गौरव है, बेटी हमारा अभिमान है. इस सोच के साथ सभी अभिभावकों को कार्य करने की जरूरत है. श्री दास ने कहा कि योजना तो लागू हो चुकी है अब हम सब भी अपनी भागीदारी निभाएं और जन-जन तक इस योजना का संप्रेषित करें. योजना के तहत जन्म लेने वाली बच्ची की मां के खाते में पांच हजार रुपये जमा कर दिए जाएंगे. पहली कक्षा में नामांकन के समय पांच हजार, 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में 5-5 हजार सरकार द्वारा बैंक खाते में जमा किया जाएगा. जब बेटी 18 साल की होगी तो 10 हजार रुपये दिये जायेंगे.
इस तरह जन्म से लेकर 20 वर्ष तक आयु तक सात किस्तों में 40 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी. अगर बिटिया शादी करना चाहे तो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना तहत 30 हजार रुपये मिलेंगे.

   मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रूण हत्या पाप है. राज्य का लिंग अनुपात ठीक है, लेकिन दोनों को समतुल्य बनाना है. आदिवासी समाज के लोग बेटा और बेटी में भेद नहीं करते हैं, लेकिन पढ़े-लिखे लोगों में यह ज्यादा देखने को मिलता है. चिकित्सक भी अल्ट्रासाउंड के माध्यम से इसकी जानकारी किसी को ना दें अन्यथा आप जेल जाने के भागी होंगे. मुख्यमंत्री ने बच्चियों से अपील की कि अगर कोई आपकी शादी कम उम्र में करना या कराना चाहे तो 181 में इसकी जानकारी दें.मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षकों के लिए नहीं बल्कि बच्चों के लिए खोला गया है. हर विषय के शिक्षक स्कूल में रहें यह सुनिश्चित किया जा रहा है. सुदूरवर्ती ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्र के स्कूलों का विलय ध्यान में रख कर किया जाएगा. मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी जल्द प्रारंभ होगा. मौके पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ कोलहान की धरती से हो रहा है. यह इस बात का प्रमाण है कि हम जो कहते हैं वो करते हैं. मुख्यमंत्री सपने दिखाते नहीं बल्कि उसे पूरा भी करते हैं. मौके पर सांसद लक्ष्मण गिलुआ ने भी विचार रखे

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आंकड़ों का बजट

Written by Thursday, 24 January 2019 06:08

देवानंद सिंह
वित्तीय वर्ष 2०19-2० के लिए मुख्यमंत्री ने 85,429 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। पहली बार सरकार ने 'बाल बजट’ भी पेश किया है। यानि इसके तहत बच्चों के कल्याण के लिए विश्ोष व्यवस्था की गई है। सरकार की तरफ से कोशिश की गई है कि बजट में हर वर्ग को शामिल किया जाए। सरकार इस बजट को जहां हर वर्ग के कल्याण का बजट मान रही है, वहीं विपक्ष का मानना है कि बजट में महज आंकड़ेबाजी की बाजीगिरी की गई है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। लिहाजा, मुख्यमंत्री को यह भी साफ करना चाहिए था कि आखिर योजनाओं को धरातल पर कैसे सफल बनाया जाएगा?

सरकार के बजट की बात करें तो इसमें कोई शक नहीं है कि बजट में हर वर्ग को टच करने की कोशिश नहीं की गई है। किसानों, बुजुर्गों,बच्चों, महिलाओं, ग्रामीणों से लेकर युवाओं के कल्याण के लिए कुछ न कुछ किए जाने की व्यवस्था में बजट में की गई है। विकास के परिपेक्ष्य में देख्ों तो शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग व कृषि आदि क्ष्ोत्रों का भी पूरी तरह बजट में फोकस किया गया है। मेडिकल शिक्षा पर विश्ोष जोर दिया गया है। सरकार ने बजट में आकड़ेबाजी का गेम कर इसे चुनावी बजट बनाने में कोई भी कोर-कसर नहीं छोड़ी है, क्योंकि आगामी लोकसभा चुनावों की अग्निपरीक्षा से बीजेपी नीत सरकार को गुजरना है। 

इसमें शक नहीं है कि झारखंड आज तेज विकास दर के लिए देश के दूसरे राज्यों के लिए एक मिसाल है, लेकिन कई क्ष्ोत्रों की दयनीय जमीनी हकीकत से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। शिक्षा के प्राथमिक स्तर के हकीकत को समझना जरूरी-सा लगता है, क्योंकि किसी भी राज्य की असली पहचान उसकी शिक्षा व्यवस्था से होती है। अगर, शिक्षा व्यवस्था ही चरमराई हुई हो तो हम आकड़ों को पेश करते रहें, उससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। कुल मिलाकर कहने का सार यह है कि राज्य की प्राथमिक शिक्षा का हाल काफी बुरा है। भले ही, प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा में नामांकन अनुपात में वृद्धि हुई हो, लेकिन सच्चाई यह है कि प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता की स्थिति बेहद दयनीय है। कुछ रिपोर्ट बताती हैं कि 5वीं कक्षा के 4० फीसदी बच्चे ठीक ढंग से दूसरी कक्षा की किताब तक नहीं पढ़ पा रहे हैं। वहीं, दूसरी और तीसरी कक्षा के 5० फीसदी बच्चों को अक्षर ज्ञान तक नहीं है। ऐसे में, सवाल उठता है कि क्या स्कूलों में महज बच्चों की संख्या बढ़ाकर विकास होगा या फिर उनको मिलने वाली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाकर। सरकार योजनाओं का संचालन कर स्कूल, कॉलेजों में छात्रों की संख्या तो बढ़ा दे रही है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लिहाजा, बजट में इस तरफ फोकस किया जाना चाहिए था आखिर किस प्रकार शिक्षा की गुणवत्ता पर सुधार लाया जा सकेगा। वहीं, सरकार यह भी कहती है कि आने वाले दिनों में राज्य मेडिकल शिक्षा का हब बन जाएगा। राज्य में पांच नए हॉस्पीटल खोले जा रहे हैं, जिसमें तीन हॉस्पीटल तो बनकर तैयार हो गए हैं, लगभग डेढ़ हजार बच्चे आगामी दो वर्षों में डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी कर लेंगे। डेढ़ हजार महज आकड़ा है, लेकिन क्या सरकार इस तरफ भी कभी सोचती है कि ये छात्र अपने प्रोफेशन पर काम करने के लिए झारखंड को ही चुनेंगे या फिर दूसरे राज्यों का रुख करेंगे। ऐसा इसीलिए भी, क्योंकि जो पुराने मेडिकल कॉलेज हैं, उन पर तकनीकी कारणों से एमसीआइ की तलवार हर समय लटकी रहती है। सरकार को गिड़गिड़ाना पड़ रहा है कि गुणवत्ता सुधार लेंगे, पर बजट में इसका जिक्र न होना बेहद चिंताजनक है। युवाओं को कुशल बनाने की बात की गई है, लेकिन उनके शिक्षा के स्तर पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। स्किल मिशन फिलहाल निजी व सरकारी क्ष्ोत्रों के बीच लूट का स्रोत बनता जा रहा है, कहीं मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। शिक्षा के साथ-साथ ग्रामीण स्वास्थ्य भी बहुत मायने रखता है। सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य की बात तो करती है, लेकिन बगैर स्वास्थ्य कर्मियों का ध्यान दिए कैसे ग्रामीण स्वास्थ्य को सुधारा जा सकेगा, इस पर बात नहीं करती है। ऐसे में, इससे संबंधित योजनाएं कैसे सफल हो पाएंगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। मेडिकल कॉलेजों से डॉक्टर पढ़ाई कर निकल रहे हैं, लेकिन अपने ही राज्य में डॉक्टरों के पद खाली रह जा रहे हैं। विश्ोषज्ञ डॉक्टर दूसरे राज्यों के शहरों में जाने को लेकर लालायित नजर आते हैं। ऐसे में, सरकार कैसे ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की नैया पार लगाएगी, यह बड़ा सवाल है। बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं को निचले स्तर तक पहुंचाने के लिए मोहल्ला क्लीनिक व मुख्यमंत्री बाइक योजना शुरू करने की घोषणा की गई है। लेकिन सवाल यह है कि पंचायत स्तर पर जो स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं, उसकी स्थिति कब सुधरेगी, इसके लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है। इस पूरी प्रक्रिया में यह बात सरकार को सोचनी पड़ेगी कि महज चुनावी बजट है, इसीलिए आकड़ों की बाजीगिरी कर जनता को उलझा देते हैं, इससे काम नहीं चलेगा, बल्कि योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए सरकार को अपने अधीन मॉनिटरिंग सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए भी कड़े कदम उठाने होंगे।

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कृषक मित्रों की मांग जायज:राधा मोहन सिंह(केंद्रीय कृषि मंत्री)

*मानदेय लागु करने के लिए जल्द् राज्य सरकार को लिखेंगे पत्र:केन्द्रीय कृषि मंत्री

दिल्ली/चतरा,25 अक्टूबर: कृषक मित्र महासंघ ने बुधवार को भारत सरकार के केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह के आवास के मेन गेट पर अपनी मांगों को लेकर धरना पर बैठे।जानकारी मिलने पर वहां नई दिल्ली के एसडीओ पहुँचें और कृषक मित्रों को पुलिस बल द्वारा जबरन गिरफ्तार कर जंतर मंतर के मैदान में ले जा कर बन्दी बना लिया।कृषक मित्र वहां नारेबाजी करने लगे।तत्पश्चात मंत्री जी द्वारा प्रतिनिधि मन्डल का बुलावा हुआ। जिसमे कृषक मित्र महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि भगत, प्रदेश सचिव सुभाष सिंह समेत छह नेताओ का प्रतिनिधिमंडल नयी दिल्ली स्थित कृषि भवन में कृषि मंत्री से वार्ता केलिये पहुँचे। वार्ता में केन्द्रीय कृषि मंत्री ने आश्वस्त किया कि कृषक मित्रों की माँग बिल्कुल उचित है।हम भी किसान हैं और गाँव से ही आते हैं हमे पता है कृषक मित्र बेहतर कार्य कर किसानों को लाभ पहुंचा रहे हैं।हम बहुत जल्द पत्र के माध्यम से राज्य सरकार को सम्मान जनक मानदेय लागु करने के लिए निर्देश जारी करेंगे। और आपके मांगपत्र को भी अनुशंसीत कर साथ में भेज दिया जायगा।मंत्री से संतुष्ट होने के बाद प्रतिनिधिमन्डल केन्द्रीय कृषि सचिव व आत्मा डाइरेक्टर से मिल कर जल्द झारखंड सरकार को पत्र भेजने का आग्रह किया।कानुनी प्रक्रिया पुरी कर लेने के बाद देर शाम तक गिरफ्तार कृषक मित्रों को रिहा कर दिया गया।

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