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Special (111)

नई दिल्ली: फेमस वैज्ञानिक स्‍टीफन हॉकिंग का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके निधन की जानकारी उनके घरवालों ने दी। स्टीफ़न हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को फ्रेंक और इसाबेल हॉकिंग के घर में हुआ।

उनका निधन लंदन के कैम्ब्रिज में उनके घर पर हुआ। हॉकिंग के बच्चों लूसी, रॉबर्ट और टिम ने अपने बयान में कहा, 'हम अपने पिता के जाने से बेहद दुखी हैं।'

स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल और बिग बैंग सिद्धांत को समझने में अहम योगदान दिया है। उनके पास 12 मानद डिग्रियां हैं। हॉकिंग के कार्य को देखते हुए अमेरिका का सबसे उच्च नागरिक सम्मान उन्हें दिया जा चुका है। ब्रह्मांड के रहस्यों पर उनकी किताब 'अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम' काफी चर्चित हुई थी।

1974 में ब्लैक होल्स पर असाधारण रिसर्च करके उसकी थ्योरी मोड़ देने वाले स्टीफन हॉकिंग साइंस की दुनिया के सिलेब्रिटी माने जाते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि स्टीफन हॉकिंग के दिमाग को छोड़कर उनके शरीर का कोई भी भाग काम नहीं करता था। स्टीफन हॉकिंग ने द ग्रैंड डिजाइन, यूनिवर्स इन नटशेल, माई ब्रीफ हिस्ट्री, द थ्योरी ऑफ एवरीथिंग जैसी कई महत्वपूर्ण किताबें लिखी हैं।

 

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शिर्डी:  महाराष्ट्र के शिर्डी साईं बाबा ट्रस्ट संस्थान में लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन (लीपा) के वार्षिक अधिवेशन का भव्य आयोजन हुआ। इसके अध्यक्षता लीपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुभाष सिंह ने दीप प्रज्जवलित करके की। इस अवसर पर उन्होंने डीएवीपी की नई विज्ञापननीति और जीएसटी के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे क्षेत्रीय समाचारपत्रों को आल्टर्नेट इनकम बढ़ाने के सोर्स के बारे में विस्तार से बताया। लीपा के वार्षिक अधिवेशन में झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडू, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान ओडिशा से सदस्यों ने भाग लिया। अधिवेशन में प्रकाशको के हित में 1.नई विज्ञापन नीति के बाद की कागजी कार्रवाई जैसे जीएसटी आदि, 2. नये इम्पैनलमेंट, पीसीआई लेवी आदि, 3. डीएवीपी पैनल्ड अखबारों के विज्ञापन बढ़ाने के उपाय, 4. दिल्ली/ दिल्ली एनसीआर में प्रकाशकों के ठहरने की व्यवस्था के संबंध में तथा 5. लीपा जर्नल विषयो पर चर्चा हुई। अधिवेशन के दूसरे सत्र में सभी सदस्यो के सामने लीपा के एकाउंट्स रखते हुए लीपा के कोषाध्यक्ष एवं सीए श्री भगवान झा ने प्रकाशको को लीपा के सालाना आय व्यय का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लीपा के कार्यो पर 9 लाख रूपये खर्च किये गये, जिसमें 30 हजार लीपा के पदाधिकारियों द्वारा दी गई फीस से आये तथा 20 लाख के लगभग अन्य सदस्यो ने डोनेशन दिया। इसके अलावा लीपा के हैड ऑफिस को चलाने तथा अन्य गतिविधियो पर लीड इंडिया ग्रुप ने प्रति माह 50 हजार रूपये व्यय किये। लीपा के कार्यो पर बोलते हुए लीपा महासचिव सुश्री तरूणा एस. गौड़ ने बताया कि यह बड़ॆ हर्ष का विषय है कि जून  2017 में लीपा ने अपने वेब चैनल की शुरूआत की और इसके माध्यम से कई ऐसे प्रकाशक जुड़े जो बहुत समस्याओ से गुजर रहे थे। इतना ही नहीं इस चैनल के माध्यम से एक माह के भीतर लीपा ने करीबन 50 न्यूज़ वेबपोर्टल बनाकर दिये। इस वर्ष लीपा ने नई विज्ञापन नीति, जीएसटी, डीएवीपी एड बढ़ाने आदि विषयो पर काफी काम किया।   उन्होने बताया कि इस वर्ष लीपा ने पाँच नये राज्यों में अपना विस्तार किया है। अधिवेशन में 5 नये राज्यों, पंजाब से श्री सन्दीप कौल, हिमाचल से श्री ज्योती प्रसाद भारद्वाज, मध्य प्रदेश से श्री टीएस बावल, ओडिशा से श्री दामोदर कर, पश्चिम बंगाल से श्री संजय सिन्हा को राज्य अध्यक्ष के तौर पर चुन कर नियुक्ति पत्र सौंपा गया, तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में श्री बलजीत सिंह ब्रार को राष्ट्रीय संयुक्त सचिव के तौर पर नियुक्ति पत्र सौंपा गया। अधिवेशन के समापन समारोह में लीपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुभाष सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फड़नवीस जी को महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने के लिये धन्यवाद दिया। श्री सिंह ने महाराष्ट्र की टीम को वार्षिक अधिवेशन के सफल आयोजन के लिये बधाई देते हुए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल महाराष्ट्र की टीम में शामिल श्री राजेन्द्र अग्रवाल, महाराष्ट्र राज्य अध्यक्ष, लीपा (प्रश्न चिन्ह), श्री जयपाल पाटिल- राष्ट्रीय सयुंक्त सचिव लीपा (रायगढ़चा युवक), श्री दिनेश चन्द्रा, उपाध्यक्ष महाराष्ट्र, लीपा (हड़पसर एक्सप्रेस), श्री सुनील दांडेकर जी की मेहनत से संभव हो सका। श्री राजेन्द्र अग्रवाल जी ने ना सिर्फ अधिवेशन को बहुत ही पवित्र स्थान शिर्डी मे आयोजित किया बल्कि ठहरने आदि की व्यवस्था के साथ साईंबाबा के विशिष्ट दर्शन की व्यवस्था की। उन्होंने महाराष्ट्र की आयोजक टीम तथा सभी उपस्थित सदस्यों को अधिवेशन में शामिल होने के लिये धन्यवाद किया। साथ ही अगले वार्षिक अधिवेशन को आयोजित करने के लिये मोमेंटो कर्नाटक की टीम को सौंप दिया गया। अगले वर्ष लीपा के वार्षिक अधिवेशन का आयोजन कर्नाटक के हम्पी शहर में श्री महबूब मालाबोदी जी के नेतृत्व में किया जाएगा।

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नई दिल्ली॥ अंतिम दर्शन के लिए श्रीदेवी के पार्थिव शरीर के मुंबई पहुंचने का इंतजार हो रहा है। उनका अंतिम संस्कार उनकी ख्वाहिश के मुताबिक ही होगा जिसकी तैयारियों का सिलसिला चल रहा है।

ब्रिटेन की महारानी क्वीन विक्टोरिया की तरह ही बॉलीवुड की क्वीन श्रीदेवी का अंतिम संस्कार होगा। क्वीन विक्टोरिया अपनी मौत से 4 साल पहले ही अपने अंतिम संस्कार के लिए सारी ख्वाहिशें लिखकर चली गई थीं कि वो कैसे होगा।

इसी तरह बॉलीवुड क्वीन श्रीदेवी भी परिवार को बताकर गई हैं कि अंतिम संस्कार कैसा हो। दोनों में एक कॉमन बात ये है कि दोनों ने अपने अंतिम संस्कार में सबकुछ सफेद होने की ख्वाहिश जताई थी।

श्रीदेवी की ख्वाहिश के मुताबिक ही घर के परदे सफेद परदों से बदल दिए गए हैं। मुंबई के वरसोवा में बोनी कपूर का बंगला है। वहां से जुहू के मुक्तिधाम तक अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसके लिए स्वर्ग वाहन जो तैयार हो रहा है, वो भी पूरी तरह सफेद रंग के कपड़े और फूलों से सजा होगा। पूरे घर में सफेद रंग के मोगरे के फूल ही लगाए जा रहे हैं। यूं तो ऐसे वक्त सभी लोग सफेद कपड़े ही पहनते हैं, फिर भी घर-परिवार और मित्रों से गुजारिश की जा रही है कि श्रीदेवी की आखिरी ख्वाहिश का ख्याल रखते हुए सफेद कपड़े ही पहनें। अंतिम संस्कार में इस्तेमाल करने वाली हर चीज को सफेद रेशमी कपड़ें से बांधा या ढका जा रहा है। 'चांदनी' की विदाई चांदनी जैसे धवल चमकते रंगों के बीच ही होगी।

 

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नई दिल्ली॥ निलंबित कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर फिर एक बार अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। कराची में हुए एक कार्यक्रम में अय्यर ने कहा कि वह पाकिस्तान को उतना ही प्यार करते हैं जितना वह भारत को करते हैं।

अय्यर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान बातचीत के रास्ते खोलकर रखना चाहता है इसपर उन्हें गर्व है लेकिन भारत सरकार ऐसा नहीं कर रही जिसका उन्हें दुख है।

रविवार को हुए इस कार्यक्रम में अय्यर ने दोनों देशों के बीच बंद पड़ी बातचीत को फिर से शुरू करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि यह वक्त की मांग है। केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए अय्यर ने कहा कि पाकिस्तान तो इसके लिए तैयार है लेकिन भारत सरकार नहीं।

अय्यर ने आगे कहा, 'मैं पाकिस्तान से मोहब्बत करता हूं, क्योंकि मैं भारत से प्यार करता हूं। भारत को अपने पड़ोसी देश से उस तरह प्यार करना चाहिए जैसे वह अपने आपसे करता है।' अय्यर ने कहा कि कश्मीर और भारत में होने वाली आतंकवादी घटनाएं वे दो मुख्य समस्याएं हैं जिनसे सबसे पहले निपटा जाना चाहिए। अब अय्यर के इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है।

बता दें कि मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उसपर काफी विवाद के बाद कांग्रेस ने बयान से खुद को अलग कर अय्यर को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

 

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नई दिल्ली॥ अमेरिका और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता मिली है। वैज्ञानिकों ने पहली बार एक प्रयोगशाला में मानव अंडे को विकसित करने में सफलता हासिल की है, जोकि अंडाशय के ऊतकों के शुरुआती चरणों से पूरी परिपक्वता तक पूरी तरह से विकसित होते हैं ।

हालांकि यह उपलब्धि पिछले अध्ययनों में, वैज्ञानिकों ने एक प्रयोगशाला में माउस अंडे का विकास कर के किया था, जहां वे जीवित संतानों का उत्पादन करते थे, और विकास के अपेक्षाकृत देर तक होने वाले मानव अंडों को भी परिपक्व करते थे। लेकिन इस प्रक्रिया सें मनुष्यों को मुश्किल का सामना करना पड़ा था।

ब्रिटेन और अमेरिका के वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को आणविक मानव प्रजनन पत्रिका में अपने परिणाम को प्रकाशित करते हुए, कहा कि यह एक ऐसा उपचार है जो एक दिन पुनर्योजी चिकित्सा उपचार और नए बांझपन उपचार विकसित करने में मदद कर सकता है।

वैज्ञानिकों द्वारा यह प्रयोगशाला ऐसा है जिससे पहली बार मानव अंडों को मानव शरीर के बाहर प्रारंभिक चरण से पूर्ण परिपक्वता तक विकसित किया गया है। साथ ही विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि ये प्रयोगशाला केवल मानव अंडों के विकास में ही मदद नहीं कर करेगा, बल्कि समय से पहले प्रजनन क्षमता के जोखिम में महिलाओं के लिए भी सहायता प्रदान करेगा।

लंदन में इम्पीरियल कॉलेज के प्रोफेसर अली अबबर ने कहा कि शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक यह भविष्य में संभवतः संभव होगा। साथ ही उन्होंने आगे कहा कि यह उपचार भविष्य में कैंसर के रोगियों की मदद में उनकी प्रजनन क्षमता को बनाए रखने में मदद करेगा, जबकि किमोथेरेपी उपचार के दौरान, प्रजनन उपचार में सुधार होगा, और मानव जीवन के शुरुआती चरणों के जीव विज्ञान की वैज्ञानिक समझ और बढ़ेगी।

 

 

 

 

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नई दिल्ली॥ लोकसभा में तीन तलाक पर बिल पेश किया है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बिल को पेश किया।

बिल पेश होने के बाद इस पर बहस शुरू हुई। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया था।

कांग्रेस पार्टी ने कुछ सवालों के साथ इस बिल का समर्थन करने की बात कही है।

असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ये बिल संविधान के मुताबिक नहीं है.।ओवैसी ने कहा कि तलाक ए बिद्दत गैरकानूनी है, घरेलू हिंसा को लेकर भी कानून पहले से मौजूद है फिर इसी तरह के एक और कानून की जरूरत क्या है?

कांग्रेस ने बिल का समर्थन किया है। ऐसे में मुमकिन है कि इस बिल को पास करवाने में केंद्र सरकार को कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि महिलाओं को साबित करना होगा कि उन्हें ट्रिपल तलाक दिया गया महिला को सालों तक कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ेगा। ये पुरुष को साबित करना चाहिए कि उसने ट्रिपल तलाक नही मंगा। 

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कांटो भरा ताज...

Written by Saturday, 09 December 2017 13:07

धीरज कुमार सिंह

झारखंड बनने के बाद पहली बार कांग्रेस आलाकमान ने झारखंड कांग्रेस के अंदरुनी विवाद को खत्म करने के उद्देश्य से आदिवासी चेहरे को दनकिनार कर गैर आदिवासी डा. अजय कुमार को प्रदेश की कमान सौंप दी है। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पूर्व झारखंड में लोग मुख्यमंत्री रघुवर दास को छत्तीसगढ़ी कहने से बाज नहीं आ रहे हैं, ऐसी स्थिति में राहुल गांधी द्वारा कर्नाटक पृष्ठभूमि के साथ-साथ पुलिस सेवा से आए व पूर्व सांसद डा. अजय को प्रदेश की कमान देने से कांग्रेसी के साथ-साथ विपक्षी दल भी आश्चर्यचकित हैं। ऐसे में, उम्मीद तो बनती है कि झारखंड में एक बार अच्छी राजनीतिक प्रतिद्वंदिता देखने को मिलेगी। दोनों तरफ इस बात की टकराहट रहेगी कि किस प्रकार जनता को अपने साथ जोड़ा जाए और उसके राजनीतिक परिणाम साधे जाए। राहुल गांधी द्वारा डा. अजय कुमार को कमान सौंपने के बाद प्रदेश में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि कांग्रेस ने अच्छा प्रयोग किया है। डा. अजय के प्रदेश अध्यक्ष बनने से जमशेदपुर व आसपास के क्षेत्र में उत्साह का माहौल है, हालांकि अन्य क्षेत्र के कांग्रेसी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदेश की कमान संभालते ही डा. अजय ने निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को जोड़ने की सकारात्मक पहल की है। जिस तरह से पिछले कुछ चुनावों में कांग्रेस को नुकसान झेलना पड़ा है, उसको लेकर यह माना जाता रहा है कि निचले स्तर पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं का ख्याल नहीं रखा गया। इसके अलावा सत्ता में रहने का घमंड भी कई बार पार्टी को ले डूबता है। इस बात की स्वीकार्यता स्वयं अमेरिका यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने की थी। उन्होंने यह माना था कि 2012 के आसपास पार्टी में घमंड की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, लिहाजा उसे 2014 लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में, अगर झारखंड को लेकर राहुल गांधी ने अच्छा प्रयोग किया है तो इसके परिणाम भी बेहतर आएंगे। जिस प्रकार डा. अजय पर राहुल ने भरोसा जताया है, उससे उम्मीद बढ़ी है। निश्चित ही डा. अजय भी इस बात को मानकर काम करेंगे कि राज्य में पार्टी की स्थिति बेहतर करनी है और आने वाले समय में पार्टी को सत्ता के शिखर तक पहुंचाना है। आगामी लोकसभा चुनाव भी चुनौती है। ऐसे में, देखने वाली बात होगी कि पार्टी का लोकसभा चुनावों में क्या प्रदर्शन रहता है। जिस प्रकार अभी लोकसभा चुनावों का वक्त शेष है, उसमें काम करने का वक्त अभी प्रदेश हाईकमान के पास है, लेकिन राहुल के इस कदम के बाद की स्थिति देखी जाए तो पार्टी के प्रदेशस्तरीय कामकाज में काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। सबसे खास बात यह है कि आलाकमान ने अध्यक्ष की घोषणा के साथ ही कई कमिटियों का गठन कर दिया है, जिसमें सुबोधकांत सहाय के नेतृत्व में अभियान समिति का गठन कर सभी वरिष्ठ नेताओं को समायोजित करने का प्रयास किया गया है। दूसरा, कई ऐसी कमिटियों का गठन भी किया गया है, जो आमतौर पर चुनाव के समय किया जाता है। सबसे नया प्रयोग जोनल कॉडिनेटर बनाकर संगठन को धारदार बनाने का अच्छा प्रयास है, जिसमें अशोक चौधरी जैसे अनुभवी नेताओं को कमिटी में शामिल कर राहुल ने दूर की गोटी खेली है, लेकिन अभी कुछ जोनल प्रभाारियों की भूमिका को लेकर अनिश्चितता बनी है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्द ही इस मामले में भी प्रदेश हाईकमान कोई फैसला ले लेगा, लेकिन इससे एक राजनीतिक संकेत जरूर मिलता है कि राहुल गांधी ने जोनल प्रभारियों की नियुक्ति में चार विभिन्न समुदायों को जिम्मेदारी देकर सामाजिक समीकरण साधने का पूरा प्रयास किया है। इन सामाजिक समीकरणों का नफा-नुकसान तो चुनावों में दिखेगा, लेकिन जिस तरह राहुल गांधी ने सामाजिक समीकरणों का संतुलन बनाने का प्रयास किया है, यह भी अपने-आप में अच्छा प्रयोग है। कई बार देखने को मिलता है कि राजनीतिक पार्टियां इसमें संतुलन नहीं बना पाती हैं और इससे वोट बैंक दूसरी पार्टियों के पाले में छिटक जाता है। लोगों या समाज से जमीनी रूप से जुड़ना है तो निश्चित ही सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखना अच्छा राजनीतिक विजन माना जा सकता है, लेकिन इसमें जो कुछ चेहरे नये और कम अनुभवी लगते हैं, उनके कार्यों को लेकर जल्द ही संशय दूर करना होगा। संशय दूर होने की स्थिति में ही एक साफ संदेश लोगों तक जा पाएगा। डा. अजय कुमार की ताजपोशी से सभी विपक्षी पार्टियां भी अनिश्चितता की स्थिति में हैं, क्योंकि गठबंधन की राजनीति में इनकी प्रतिक्रिया किस तरह की होगी, फिलहाल यह भविष्य के गर्व भी छुपा हुआ है, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष की पूरी राजनीति में कांग्रेस झारखंड प्रभारी आरपी एन सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। आरपीएन सिंह एक अनुभवी नेता हैं और सभी निगाहें उन पर टिक गई हैं। इस घटनाक्रम से तो इतना साफ है कि डा. अजय के अध्यक्ष बनने से और उनकी वर्तमान सक्रियता से कांग्रेस पार्टी में नई ऊर्जा का संचार हुआ है, चूंकि जमशेदपुर केंदित है। आज हर कोई उनसे प्रश्न कर रहा है कि क्या वे मुख्यमंत्री रघुवर के खिलाफ विधानसभा चुनाव लडेंगे ? भले ही, वह बखूबी इस प्रश्न को टाल जाते हैं, लेकिन आभास ऐसा होता है कि जमेशदपुर एवं झारखंड की राजनीति रोमांचक होगी।

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प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में पुलिस की ओर से आरोपी बनाए गए कंडक्टर अशोक को जिला अदालत ने जमानत दे दी। गुरुग्राम जिला अदालत ने अशोक को 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है, जो प्रद्युम्न हत्याकांड में 2 महीने से जेल में था। सोमवार को जिला अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। 8 सितंबर को हुए प्रद्युम्न हत्याकांड में आरोपी बनाए गए कंडक्टर अशोक के खिलाफ सीबीआई कोई सबूत पेश नहीं कर पाई थी। 

रायन इंटरनैशनल स्कूल में हुए इस हत्याकांड के कुछ ही घंटों बाद हरियाणा पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक को आरोपी बनाया था, उसने हत्या का जुर्म कबूल भी कर लिया था, लेकिन कुछ दिनों बाद उसने कहा था कि उसे फंसाया जा रहा है, उसने हत्या नहीं की है। 

 

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सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म 'पद्मावती' के खिलाफ दायर एक और याचिका खारिज करते हुए मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को अभी तक सर्टिफिकेट नहीं दिया है और अगर कोर्ट इसमें दखल देता है तो यह पूर्वाग्रह के समान होगा।

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