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सरकार कर रही है लोगों के लिये 'बिजली का अधिकार' पर विचार! Featured

Written by  Published in Politics Tuesday, 27 February 2018 08:31
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नई दिल्ली॥ संसद के अगले सत्र में आम लोगों को बड़ा तोहफा मिल सकता है। सरकार आम लोगों को 'बिजली का अधिकार' देने पर विचार कर रही है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो संसद के मॉनसून सत्र में इस सिलसिले में बिल भी पेश किया जा सकता है। इसके तहत अप्रैल 2019 से सामान्य स्थितियों में दिन में 24 घंटे बिजली सप्लाइ नहीं होने पर पावर डिस्ट्रिब्यूटर्स को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

इसमें सामान्य स्थिति में कंज्यूमर को पावर सप्लाइ न देने पर डिस्ट्रिब्यूटर्स को दंड देने का प्रावधान होगा। सामान्य स्थिति का मतलब यह है कि ब्रेकडाउन न हो या कोई तकनीकी खामी न हो। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक बिजली उत्पादन के लक्ष्य तो हासिल किया जा चुका है लेकिन सभी गांवों में पावर ट्रांसमिशन की सुविधा इस साल अप्रैल तक ही दी जा सकेगी।

सरकार के उम्मीद है कि देश के तमाम ग्रामीण इलाकों में 15 अप्रैल तक बिजली पहुंच जाएगी। मई 2014 में चार करोड़ परिवार बिजली की सुविधा से वंचित थे। इनमें से अब तक सौभाग्य योजना के तहत 2933000 परिवारों को कवर किया जा चुका है। यह योजना 11 अक्टूबर 2017 को शुरू की गई थी। नएनियमों के तहत किसी परिवार को बिजली सुविधा से लैस तभी माना जाता है, जब उसका पहला बिजली बिल लेजर में दर्ज हो जाए।

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